Advertisements
Advertisements
Question
।। हे विश्वचि माझे घर ।।
Advertisements
Solution
मराठी में लिखी इस उक्ति के लिए संस्कृत में एक उक्ति है– 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात संपूर्ण विश्व ही मेरा घर है। बोली-भाषा, जाति-धर्म, रंग, संस्कृति, सरहद आदि के आधार पर हम भले ही अलग-अलग हों, पर सबसे पहले हम इंसान हैं। विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे की आवश्यकता है। ऐसे में भेदभाव की दीवार को तोड़कर हम सभी को एक होना चाहिए।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से
स्वामी विवेकानंद का कोई भाषण पढ़ो और प्रमुख वाक्य बताओ।
किसी परिचित अन्य कहानी लेखन के लिए मुद्दे तैयार करो।
।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।
अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।
देशभक्ति पर आधारित कविता सुनो और सुनाओ।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

शाक (पत्तोंवाली) और सब्जियों के पाँच-पाँच नाम सुनो और सुनाओ।
एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।
