Advertisements
Advertisements
प्रश्न
।। हे विश्वचि माझे घर ।।
Advertisements
उत्तर
मराठी में लिखी इस उक्ति के लिए संस्कृत में एक उक्ति है– 'वसुधैव कुटुंबकम्' अर्थात संपूर्ण विश्व ही मेरा घर है। बोली-भाषा, जाति-धर्म, रंग, संस्कृति, सरहद आदि के आधार पर हम भले ही अलग-अलग हों, पर सबसे पहले हम इंसान हैं। विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को एक-दूसरे की आवश्यकता है। ऐसे में भेदभाव की दीवार को तोड़कर हम सभी को एक होना चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
वृक्ष और पंछी के बीच का संवाद लिखो।
मैंने समझा गाँव-शहर कविता से
मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से
मैंने समझा शब्द संपदा पाठ से
भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।
- पुस्तकालय से
- अंतरजाल से
नीचे दिए गए नोबल पुरस्कार प्राप्त विभूति के चित्र चिपकाओ। उन्हें यह पुरस्कार किस लिए प्राप्त हुआ है, बताओ।
| १. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर | २. सर चंद्रशेखर वेंकटरमन | ३. डॉ. हरगोबिंद खुराना | ४. मदर टेरेसा |
| ५. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर | ६. अमर्त्यकुमार सेन | ७. वेंकटरमन रामकृष्णन | ८. कैलास सत्यार्थी |
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
संतुलित आहार पर पॉंच वाक्य बोलो।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

