Advertisements
Advertisements
Question
मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से
Advertisements
Solution
हमारे बड़ों द्वारा दिए गए कार्य के पीछे जरूर कोई मकसद होता है, इसलिए हमें अपनी बुद्धि का प्रयोग कर उस कार्य में श्रेष्ठ फल पाने के लिए प्रयास करना चाहिए। अपने प्रयासों से ही हम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से
मैंने समझा अंधायुग कविता से।
यदि प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो जाएँ तो...... जैसे - जल, वन आदि।
।। वृक्षवल्ली आम्हां सोयरे वनचरे।।
यदि मैं अंतरिक्ष यात्री बन जाऊँ तो ....
दिए गए मुद्दों के आधार पर कहानी लिखो :
| गॉंव में मेला देखने वालों की भीड़ | → | सड़क पर प्रवेश द्वार के बीचोंबीच बड़ा-सा पत्थर | → | पत्थर से टकराकर छोटे-बड़ों का गिरना-पड़ना। | → | बहुत देर से लड़के का देखना |
| लड़के द्वारा पत्थर हटाना, उसके नीचे चिट्ठी पाना | → | चिट्ठी में लिखा था ........? | → | पुरस्कार पाना। | → | सीख और शीर्षक |
।।श्रद्धा और विज्ञान, जीवन के दो पक्ष महान।।

पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर के कार्य पढ़ो और प्रमुख मुद्दे बताओ।
तुम्हें रुपयों से भरा बटुआ मिल जाए तो .....
मैंने समझा रहस्य पाठ से
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।
एक से सौ तक की उलटी गिनती पढ़ो और काॅपी में लिखो :

भारतीय स्थानीय समय के अनुसार देश-विदेश के समय की तालिका बनाओ।
बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
