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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से 

Short Answer
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Solution

हमारे देश की सुरक्षा में विभिन्न जाति-धर्म संप्रदाय के सैनिक जुटे हुए हैं। उनकी बोलीभाषा, रहन-सहन, भौगोलिक परिस्थितियाँ सब कुछ एक-दूसरे से अलग-अलग हैं, लेकिन सभी के दिलों में भारतमाता के प्रति एक जैसा आदर व समर्पण का भाव है। हमारे देश के वीर सैनिक अपने पूर्वजों की भाँति ही भारतमाता की सेवा में सदैव तत्पर हैं और जरूरत पड़ने पर अपने प्राणों का बलिदान देने से भी वे पीछे नहीं हटेंगे।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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Chapter 2.08: हम चलते सीना तान के - मैंने समझा [Page 49]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 2.08 हम चलते सीना तान के
मैंने समझा | Q (१) | Page 49
Balbharati Hindi Sulabhbharati Ekatmik Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 16.1 हम चलते सीना तान के
पाठ्य प्रश्न | Q ५. | Page 64

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