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प्रश्न
मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से
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उत्तर
हमारे देश की सुरक्षा में विभिन्न जाति-धर्म संप्रदाय के सैनिक जुटे हुए हैं। उनकी बोलीभाषा, रहन-सहन, भौगोलिक परिस्थितियाँ सब कुछ एक-दूसरे से अलग-अलग हैं, लेकिन सभी के दिलों में भारतमाता के प्रति एक जैसा आदर व समर्पण का भाव है। हमारे देश के वीर सैनिक अपने पूर्वजों की भाँति ही भारतमाता की सेवा में सदैव तत्पर हैं और जरूरत पड़ने पर अपने प्राणों का बलिदान देने से भी वे पीछे नहीं हटेंगे।
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से
कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्न प्रारूप में पत्र लिखो :
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पत्र का प्रारूप दिनांक : ______ विषय : ______ __________________________________________________ भवदीय/भवदीया, ____________ नाम : ____________ ई-मेल आईडी : ____________ |
मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से

त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।

यदि तुम्हारा घर मंगल ग्रह पर होता तो .....
।। बिन माँगे मोती मिले।।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

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‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।
।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।
यदि समय का चक्र रुक जाए तो ......
प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।
चित्रों को पहचानकर जलचर, नभचर, थलचर और उभयचर प्राणियों में वर्गीकरण करो।

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

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१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।
अपने ग्राम/नगर/महानगर के संबंधित अधिकारी को बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखिए। (पत्र निम्न प्रारूप में हो)
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दिनांक: .......... ------- विषय: -------------------------------- विषय विवेचन: ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- भवदीय/भवदीया, |
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
