मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ६ वी

।। हवा प्रकृति का उपहार, यही है जीवन का आधार ।।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

।। हवा प्रकृति का उपहार, यही है जीवन का आधार ।।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

मानव जीवन के लिए जितना भोजन, वस्त्र और मकान आवश्यक है उतना ही जल और हवा भी। बिना खाए-पिए मानव कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, किंतु बिना हवा के मानव और प्राणी एक मिनट भी जीवित नहीं रह सकते। हवा के महत्त्व को देखते हुए हम यह कह सकते हैं कि हवा हमें प्रकृति से मिला वरदान है। वह हमारे जीवन का आधार है, क्योंकि उसके अभाव में जीवन जीना असंभव है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.02: बसंती हवा - बसंती हवा [पृष्ठ ६]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
पाठ 1.02 बसंती हवा
बसंती हवा | Q (९) | पृष्ठ ६

संबंधित प्रश्‍न

‘जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल आती है’, इस सुवचन पर आधारित अस्‍सी शब्‍दों तक कहानी लिखिए।


यदि प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो जाएँ तो...... जैसे - जल, वन आदि।


मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से 



चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


दिए गए चित्रों के आधार पर उचित और आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।


मीरा का पद पढ़ो और सरल अर्थ बताओ।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।


आपने समाचारपत्रों, टी.वी. आदि पर अनेक प्रकार के विज्ञापन देखे होंगे जिनमें ग्राहकों को हर तरीके से लुभाने का प्रयास किया जाता है, नीचे लिखे बिंदुओं के संदर्भ में किसी एक विज्ञापन की समीक्षा कीजिए और यह लिखिए कि आपको विज्ञापन की किस बात से सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया।

  1. विज्ञापन में सम्मिलित चित्र और विषय-वस्तु
  2. विज्ञापन में आए पात्र व उनका औचित्य
  3. विज्ञापन की भाषा

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×