Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘यातायात की समस्याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।
Advertisements
उत्तर
आज के इस आधुनिक युग में यातायात के साधनों का अपना एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। रेल, हवाईजहाज, पानी के विशाल जहाज, कार इत्यादि आधुनिक यातायात के साधनों के बगैर इस आधुनिक युग की कल्पना करना भी असंभव है। इन साधनों के कारण ही मानव का जीवन सरल व सुखमय बन पाया है। यातायात मानव के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। मुख्यत: यातायात के तीन प्रकार होते हैं, जिनमें जल, वायु व सड़क यातायात का समावेश है।
यातायात के विभिन्न साधन विज्ञान की अनमोल देन हैं। इनके उपयोग से मनुष्यजाति को अनगिनत लाभ हुए हैं। जिस प्रकार हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, उसी प्रकार यातायात के साधनों से लाभ के साथ ही कुछ हानियाँ भी जुड़ी हुई हैं। इन साधनों के अधिकाधिक उपयोग के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सड़क पर सरपट दौड़ने वाली बस, कार, स्कूटर, रिक्शा इत्यादि से निकलने वाले रासायनिक पदार्थ व गैस हमारे पर्यावरण को जहरीला बना रहे हैं। हवाईजहाजों, हेलीकॉप्टरों आदि के कारण पंछियों की कई प्रजातियों पर खतरा मँडराने लगा है तथा वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। समुद्र में चलने वाले विशालकाय जहाजों से वातावरण को क्षति तो पहुँच रही है साथ ही समुद्री जीव भी संकट में आ गए हैं। सड़क यातायात के साधनों की संख्या दिन दूनी रात चौगुनी रपÌतार से बढ़ रही है। इसके साथ ही सड़कों, हवाईअड्डों आदि के निर्माण के लिए जंगलों व पहाड़ों को काटा जा रहा है। नदियों व समुद्र के तटीय क्षेत्रों पर अतिक्रमण किया जा रहा है।
पर्यावरण पर हो रहे प्रतिकूल परिणामों को रोकना अब अति आवश्यक हो गया है। यदि जल्द ही पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण को रोका नहीं गया, तो हमारा पर्यावरण जीवन के लायक नहीं रह जाएगा। यह विषाक्त हो जाएगा। अत: हमें अधिकाधिक निजी यातायात साधनों के इस्तेमाल से बचकर सार्वजनिक यातायात साधनों, जैसे बस, रेलगाड़ी इत्यादि का उपयोग करना चाहिए। सड़क, वायु व समुद्री यातायात के साधनों का उपयोग करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनसे निकलने वाले रासायनिक पदार्थ व गैस वातावरण को कम-से-कम क्षति पहुँचाएँ। अधिकाधिक वृक्षारोपण करने हेतु व्यापक तौर पर प्रभावी अभियान चलाए जाएँ। इस प्रकार जरूरी उपायों पर ध्यान देकर हम यातायात के साधनों का लाभ लेने के साथ ही उनके कारण होने वाली समस्याओंसे भी छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
किसी मौलिक मराठी विज्ञापन का हिंदी में अनुवाद करो।
‘जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकल आती है’, इस सुवचन पर आधारित अस्सी शब्दों तक कहानी लिखिए।
किसी गायक/गायिका की सचित्र जानकारी लिखो।
‘जल के अपव्यय की रोकथाम’ संबंधी चित्रकला प्रदर्शनी का आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।
त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।
‘शालेय स्वच्छता अभियान’ में तुम्हारा सहयोग बताओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
यदि प्राणी नहीं होते तो ...
यदि हिमालय की बर्फ पिघलना बंद हो जाए तो .....
अपने परिवेश में शांति किस प्रकार स्थापित की जा सकती है।
वैज्ञानिक की जीवनी पढ़ो और उसके आविष्कार लिखो।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
आसमान में उड़ती पतंगें। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए। एक लंबा समय और हम अभी भी .........
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'उपहार देना प्यार जताने और सम्मान करने का परिचायक है वर्तमान में उपहार का स्वरूप प्यार कम, व्यापार अधिक हो गया है।' - इस कथन के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।
