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प्रश्न
हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
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उत्तर
- जोगी गोरख गोरख करे। हिन्दू राम नाम उच्चार।
मुसलमान कहै एक खुदाई। कबीर को स्वामी घटि घटि रह्यो समाई।। - पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोई।
एके आखर पीव का, पढ़ै सु पंडित होई।। - नैना अन्तरि आपनूं, ज्यूँ हाैं नैन झँपेउं।
नाँ हाैं देखाैं और कूं, ना तुझ देखन देउ।। - कबीर यहु घर प्रेम का खाला का घर नाहिं
सीस उतारै हाथि करि सो पेसे घर माहि।। - कबीर यह तन जात है, सकै तो लेह बहोड़ि।
नागे-हाथे ते गये, जिनके लाख-करोड़ि।।
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संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।
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फल-फूलों के दस-दस नाम लिखो।
| फलों के नाम | फूलों के नाम |
| १. ______ | १. ______ |
| २. ______ | २. ______ |
| ३. ______ | ३. ______ |
| ४. ______ | ४. ______ |
| ५. ______ | ५. ______ |
| ६. ______ | ६. ______ |
| ७. ______ | ७. ______ |
| ८. ______ | ८. ______ |
| ९. ______ | ९. ______ |
| १०. ______ | १०. ______ |
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चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ:






‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
