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प्रश्न
हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
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उत्तर
- जोगी गोरख गोरख करे। हिन्दू राम नाम उच्चार।
मुसलमान कहै एक खुदाई। कबीर को स्वामी घटि घटि रह्यो समाई।। - पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोई।
एके आखर पीव का, पढ़ै सु पंडित होई।। - नैना अन्तरि आपनूं, ज्यूँ हाैं नैन झँपेउं।
नाँ हाैं देखाैं और कूं, ना तुझ देखन देउ।। - कबीर यहु घर प्रेम का खाला का घर नाहिं
सीस उतारै हाथि करि सो पेसे घर माहि।। - कबीर यह तन जात है, सकै तो लेह बहोड़ि।
नागे-हाथे ते गये, जिनके लाख-करोड़ि।।
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