मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ६ वी

।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

हमारी जननी-जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं। मनुष्य को जन्म देने वाली उसकी माँ और जिस भूमि में व्यक्ति का जन्म हुआ है, उसका सदा मान रखना चाहिए। उसके समक्ष स्वर्ग के सारे सुख भी ना के बराबर होते हैं। हमें अपनी जननी-जन्मभूमि के प्रति सदा कृतज्ञ रहना चाहिए।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.1: सोई मेरी छौना रे ! - सोई मेरी छौना रे ! [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
पाठ 1.1 सोई मेरी छौना रे !
सोई मेरी छौना रे ! | Q (११) | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्‍न

अपने घर की छत से पूर्णिमा की रात देखिए तथा उसके सौंदर्य को अपनी कलम से शब्दबद्ध कीजिए।


‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।



‘गाँव का विकास, देश का विकास’ इस विषय पर संवाद सुनो और सुनाओ।


दिए गए चित्रों के आधार पर उचित और आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।


भारतीय स्थानीय समय के अनुसार देश-विदेश के समय की तालिका बनाओ।


यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :


दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

उच्च शिक्षा हेतु छात्रों का विदेशों को पलायन


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×