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प्रश्न
भारतीय स्थानीय समय के अनुसार देश-विदेश के समय की तालिका बनाओ।
तक्ता
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उत्तर
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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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मैंने समझा मधुबन पाठ से
कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्न प्रारूप में पत्र लिखो :
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पत्र का प्रारूप दिनांक : ______ विषय : ______ __________________________________________________ भवदीय/भवदीया, ____________ नाम : ____________ ई-मेल आईडी : ____________ |
‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।



अपने नाना जी/दादा जी को अपने मन की बात लिखकर भेजो।
यदि सच में हमारे मामा का घर चॉंद पर होता तो...
एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।
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| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
