मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

भूलकर भी न करें भूल-बनें फूल, नहीं शूल ।। निम्न आधार पर चर्चा करो भूल, फूल, शूल - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

लघु उत्तर
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उत्तर

गलती करना यह मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन उन गलतियों से सीख लेते हुए भविष्य में गलतियाँ न करने का प्रयास भी करना चाहिए। एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य का यह कर्तव्य है कि दूसरों के हित-अनहित को ध्यान में रखते हुए वह अपना कर्म करे। जहाँ तक संभव हो परोपकार की राह पर चलते हुए दूसरों की राहों में फूल बिछाए। जरूरतमंदों की हर संभव मदद करे। मनुष्य को फूल के जैसा जीवन जीना चाहिए जो दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है, न कि शूल के जैसा जो हमेशा दूसरों को कष्ट देता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 1.02: फूल और काँटे - विचार मंथन [पृष्ठ २]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 1.02 फूल और काँटे
विचार मंथन | Q (१) | पृष्ठ २
बालभारती Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 2 फूल और काँटे
अंतःपाठ प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ६५

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भवदीय/भवदीया,
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Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

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