मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

मैंने समझा फूल और काँटे कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मैंने समझा फूल और काँटे कविता से 

अति संक्षिप्त उत्तर
Advertisements

उत्तर

किसी भी बड़े व गौरवशाली कुल में सिर्फ जन्म लेने से कोई बड़ा अथवा सम्माननीय नहीं बन जाता। व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही समाज में मान-सम्मान मिलता है। यदि कर्म बुरे होंगे तो निंदा और यदि कर्म अच्छे होंगे तो प्रशंसा मिलती है।

shaalaa.com
पद्य (7th Standard)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.02: फूल और काँटे - मैंने समझा [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 1.02 फूल और काँटे
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ ३
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×