Advertisements
Advertisements
प्रश्न
।। कथनी मीठी खाँड़-सी ।।
Advertisements
उत्तर
कथनी हमेशा मधुर और कर्णप्रिय होनी चाहिए, जैसे मीठा खाँड़। मीठी वाणी सुननेवाले को सुख और संतोष देती है, जबकि कटुता समस्याएँ उत्पन्न करती है। मधुर वाणी समाज में जोड़ने का कार्य करती है और आपसी दरारें मिटाकर मित्रता बढ़ाती है। विनम्रता और प्रेम से युक्त वाणी सफलता, यश और समृद्धि प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है।
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से
कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्न प्रारूप में पत्र लिखो :
|
पत्र का प्रारूप दिनांक : ______ विषय : ______ __________________________________________________ भवदीय/भवदीया, ____________ नाम : ____________ ई-मेल आईडी : ____________ |
गाँव संबंधी सरकारी योजनाओं की जानकारी पढ़ो और मुख्य बातें सुनाओ।
अंतरजाल से पद्मभूषण से विभूषित विभूतियों की जानकारी का संकलन करके सुनाओ।
।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।

‘चतुराई’ संबंधी कोई सुनी हुई कहानी सुनाओ।
पाठाें में आए हुए मूल्यों को सुनो, तालिका बनाओ और सुनाओ।
भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।
- पुस्तकालय से
- अंतरजाल से
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।
विभिन्न क्षेत्रों की ‘प्रथम भारतीय महिलाओं’ की सचित्र जानकारी काॅपी में चिपकाओ।
यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
आसमान में उड़ती पतंगें। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए। एक लंबा समय और हम अभी भी .........
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
