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प्रश्न
मैंने समझा नहीं कुछ इससे बढ़कर कविता से
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उत्तर
यह कविता त्याग, समर्पण और सृजन की महानता को दर्शाती है। इसमें माँ के निस्वार्थ प्रेम, प्रकृति के योगदान, कलाकारों के सृजन, जनसेवा, और मधुर जीवन अनुभव को श्रेष्ठ प्रार्थना बताया गया है। माँ का त्याग, धरती का पोषण, कला का सौंदर्य, सत्यनिष्ठ सेवा और प्रेम से भरा जीवन ही सच्ची प्रार्थना है। यह संदेश देती है कि प्रार्थना केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और सृजन में निहित होती है। सच्ची प्रार्थना वही है जो दूसरों के लिए सुख, शांति और आनंद लाए।
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।। जीवन चलता ही रहता।।
पूरी वर्णमाला क्रम से पढ़ो:
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हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।
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