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प्रश्न
।। जीवन चलता ही रहता।।
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उत्तर
गतिमानता ही जीवन का प्रतीक है, इसलिए जीवन कभी रुकता नहीं है। यह हमेशा चलता ही रहता है। इस धरा पर जो भी आया है उसे एक न एक दिन अपने शरीर का त्याग करना ही पड़ता है, लेकिन उसकी आत्मा की मृत्यु नहीं होती है। जिस तरह समय-समय पर पोथी की जिल्द बदलती रहती है, उसी तरह आत्मा अपने शरीर रूपी जिल्द को बदलती रहती है। एक शरीर को त्याग कर वह दूसरे शरीर को धारण करती है और जीवन का नया संचार करती है। इस तरह जीवन का क्रम रुकता नहीं वह हमेशा चलता ही रहता है।
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दिए गए चित्रों के आधार पर उचित और आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।

अपने नाना जी/दादा जी को अपने मन की बात लिखकर भेजो।
निम्नलिखित चित्रों के नाम बताओ और जानकारी लिखो।

विद्यालय के स्नेह सम्मेलन का वर्णन करो।
बिना सोचे विचारे किसी बात पर विश्वास ना करें।
।। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन। याेगासन है, उत्तम साधन ।।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।
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'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
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