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मीरा का पद पढ़ो और सरल अर्थ बताओ।

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प्रश्न

मीरा का पद पढ़ो और सरल अर्थ बताओ।

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उत्तर

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।

अर्थ: मीरा कहती हैं, "मेरे तो बस श्रीकृष्ण हैं, जिन्होंने पर्वत को उँगली पर उठाकर गिरधर नाम पाया। उनके अलावा मैं किसी को अपना नहीं मानती। जिनके सिर पर मोर के पंख का मुकुट है वही मेरे पति हैं।“

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 2.02: तूफानों से क्या डरना - तूफानों से क्या डरना [पृष्ठ ३२]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 2.02 तूफानों से क्या डरना
तूफानों से क्या डरना | Q (५) | पृष्ठ ३२

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