मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ६ वी

सद्‌गुणों को आत्मसात करने के लिए क्या करोगे, इसपर आपस में चर्चा करो।

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प्रश्न

सद्‌गुणों को आत्मसात करने के लिए क्या करोगे, इसपर आपस में चर्चा करो।

लेखन कौशल्य
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उत्तर

चिराग, लीना और पंकज आपस में चर्चा करते हैं।

चिराग: मेरे पापा को झूठ बोलना पसंद नहीं है, इसलिए मैं कभी झूठ नहीं बोलता।
लीना: मेरी मम्मी कहती हैं कि सभी काम समय पर करने चाहिए, इसलिए मुझे भी समय पर काम करने की आदत पड़ गई है।
पंकज:  मुझे दूसरों की सहायता करना अच्छा लगता है।
लीना:  अरे वाह, पंकज ये तो बहुत अच्छा गुण है।
चिराग, झूठ न बोलना, हमेशा सच बोलना यह तो सबसे अच्छा गुण है।
पंकज:  लीना तुम्हारा समय पर काम करना, अनुशासन में रहना, ये अच्छे गुण हैं। आज से मैं भी समय का पालन करूँगा।
चिराग: सही कहा पंकज, आज से मैं भी तुम्हारी तरह सबकी सहायता करूँगा, सभी काम समय पर करूँगा।
तीनों:  आज से हम सब अपने जीवन में अच्छे गुणों को अपनाएँगे।
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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 2.04: साेना और लोहा - साेना और लोहा [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
पाठ 2.04 साेना और लोहा
साेना और लोहा | Q (१२) | पृष्ठ ३९

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निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


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