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प्रश्न
अंतरजाल से डॉ. रामकुमार वर्मा जी से संबंधित अन्य साहित्यिक जानकारियाँ प्राप्त करो।
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उत्तर
डॉ.. रामकुमार वर्मा आधुनिक हिंदी साहित्य में 'एकांकी सम्रट' के रूप में जाने जाते हैं। ये हिंदी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, व्यंग्यकार और हास्य कवि के रूप में जाने जाते हैं। कविता में ये साधक की भूमिका में आए। अपने जीवन के अनुभवों से नाटकों की विषयवस्तु तैयार की तथा अनेक रचनाओं को लिपिबद्ध किया। इनकी प्रमुख रचनाओं में पृथ्वीराज की आँखें, रेशमी टाई, चारुमित्रा, दीपदान, अभिशाप, एकलव्य, हिमालय, कबीर का रहस्यवाद, जौहर, आकाशगंगा, चित्ररेखा, उत्तरायण आदि का समावेश है। १९३० में रचित 'बादल की मृत्यु' इनकी पहली एकांकी है। इन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक दो तरह के एकांकी नाटकों की सृष्टि की। कभी कवि तो कभी एकांकीकार, कभी नाटककार तो कभी आलोचक, कभी शोधकर्ता तो कभी साहित्य के इतिहास लेखक के रूप में इन्होंने हिंदी साहित्य को अपनी कृतियों से चमत्कृत किया है।
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