Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
Advertisements
उत्तर
बात उन दिनों की है जब मैं चौथी कक्षा में पढ़ता था। मैं अपने मामा के यहाँ गया था। एक रात मैं अपने मामा के बेटों के साथ खेत में पहुँचा। बातें करते-करते रात के १२ बज गए। चारों तरफ घोर अँधेरा छाया था। तेज हवा चल रही थी। जानवरों की तरह-तरह की आवाजें आ रही थीं। पूरा माहौल डरावना लग रहा था। हमें सामने एक बड़ा-सा जीव अपनी तरफ बुलाता हुआ दिखाई दे रहा था। उस जीव के हाथ हिल रहे थे। हम डर गए। मेरे ममेरे भाई रोने लगे। इस तरह करीब आधा घंटा बीत गया। मैंने हिम्मत जुटाई और धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा। जैसे ही मैं उसके पास पहुँचा, तो मैंने देखा एक पेड़ पर कपड़ा लटका हुआ था, जो हवा की वजह से हिल रहा था। जब मैंने उन लोगों के रोते हुए चेहरों को देखा, तो मैं हँसने लगा। बाद में जब मैंने यह बात उन लोगों को बताई तो वे लोग भी हँसने लगे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘आगे कुआँ पीछे खाई’ कहावत का अर्थ लिखकर उससे संबंधित कोई प्रसंग लिखो।
मैंने समझा दो लघुकथाएँ पाठ से

इस वर्ष का सूर्यग्रहण कब है? उस समय पशु-पक्षी के वर्तन-परिवर्तन का निरीक्षण करो और बताओ।
यदि तुम सैनिक होते तो .....
।। ईमानदारी चरित्र निर्माण की नींव है ।।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा का अंश पढ़कर चर्चा करो।
विद्यालय के स्नेह सम्मेलन का वर्णन करो।
बढ़ता हुआ प्रदूषण और उसकी रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपाय लिखिए ।
