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प्रश्न
यदि तुम सैनिक होते तो .....
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उत्तर
मैं अपने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित करता। अनुशासन, साहस और निष्ठा के साथ सीमा पर तैनात रहकर राष्ट्र की सेवा करता। जरूरत पड़ने पर अपने परिवार और सुख-सुविधाओं को त्यागकर मातृभूमि की रक्षा करता। हर परिस्थिति में धैर्य और संकल्प बनाए रखता और अपने साथियों के साथ मिलकर अखंड भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करता। मेरी सबसे बड़ी खुशी देश के तिरंगे को ऊँचा रखने में होती।
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।। हे विश्वचि माझे घर ।।
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।। स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है।।
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अपना परिचय देते हुए परिवार के बारे में दस वाक्य लिखो।
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:
'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।
