मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ८ वी

निम्‍न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो : स्‍थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय

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प्रश्न

निम्‍न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो :

स्‍थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

रिषभ पुस्तक मेला

रिषभ पुस्तक मेले में आइए,
ज्ञानवर्धक व मनोरंजक पुस्तकें पाइए।

बच्चे, जवान, बूढ़े व महिलाओं

के लिए

विभिन्न भाषाओंव विभिन्न विषयों

की पुस्तकें उपलब्ध

रिषभ पुस्तक मेले का सात दिनों का

आनंद उठाइए।

स्थल - जंतर मंतर मैदान

दिनांक - २ जून, २०१९ से ३ जुलाई, २०१९ तक

समय - सुबह ०९.०० से शाम ०७.०० बजे तक

संपर्क - ८७७०००००००

ई-मेल आईडी - [email protected] 

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.8: मेरा विद्रोह - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ४९]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
पाठ 2.8 मेरा विद्रोह
उपयोजित लेखन | Q (१) | पृष्ठ ४९

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____________


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निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्‍न प्रारूप में हो।)


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