Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से
Advertisements
उत्तर
मनुष्य को अपने कर्म, ज्ञान व विज्ञान से विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहिए। विध्वंसक अस्त्र-शस्त्र का निर्माण कर एक-दूसरे के मन में भय उत्पन्न करने की अपेक्षा प्रेम व सहयोग की भावना का निर्माण करना श्रेष्ठ है। यह संपूर्ण धरती एक परिवार है और हम सभी उसके सदस्य हैं। इस भावना में ही संपूर्ण मानवजाति का विकास निहित है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा गाँव-शहर कविता से
अंतरजाल से डॉ. रामकुमार वर्मा जी से संबंधित अन्य साहित्यिक जानकारियाँ प्राप्त करो।
‘यातायात की समस्याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।
मैंने समझा बेटी युग कविता से
तुम्हें रुपयों से भरा बटुआ मिल जाए तो .....
।। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ।।

चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:






‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।
यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........
एक से सौ तक की उलटी गिनती पढ़ो और काॅपी में लिखो :

मीरा का पद पढ़ो और सरल अर्थ बताओ।
।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।
।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
अक्षर समूह में से वैज्ञानिकों के उचित नाम बताओ और लिखाे :
| मी | भा | हो | भा | - | ______ | ||
| नी | से | ज | भि | र | - | ______ | |
| मं | बं | जू | स | ल | - | ______ | |
| स्क | रा | र्य | भा | चा | - | ______ | |
| जे. | क | म | ला | ए. | पी. | - | ______ |
| जा | अ | न | म्म | की | ल | - | ______ |
| ना | व | क | ला | चा | ल्प | - | ______ |
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।
‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
