English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।

Answer in Brief
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Solution

भारतीय परंपराओं के अनुसार भोजन सिर्फ हमारे शरीर की आवश्यकता नहीं है, अपितु इसका असर हमारे मन पर भी पड़ता है। इसी कारणवश भोजन को सात्विक, राजसिक व तामसिक भोजन ऐसी तीन श्रेणियों में बाँटा गया है। कहा जाता है, 'जैसा खाए अन्न, वैसा बने मन' अर्थात हम जैसा भोजन ग्रहण करते हैं, उसके अनुरूप हमारे तन व मन पर प्रभाव पड़ता है। जैसे यदि हम सात्विक भोजन करते हैं, तो हमारे मन में दया, क्षमा, प्रेम जैसे भाव अधिक होते हैं। राजसिक भोजन करने से आवेश, कामुकता, तनाव, आलस्य जैसे भाव व्यक्ति में बढ़ जाते हैं। इसके अलावा तामसिक भोजन करने वाले व्यक्तियों में क्रोध, हिंसा, उत्तजेना जैसे भाव बहुत अधिक होने की संभावना होती है। इस तरह यह कहा जा सकता है कि भोजन का हमारे शरीर व मन दोनों पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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Chapter 1.9: अनमोल वाणी - सूचना के अनुसार कृतियाँ करो [Page 24]

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Balbharati Hindi Sulabhbharati [English] Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 1.9 अनमोल वाणी
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो | Q (४) | Page 24

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मैंने समझा मधुबन पाठ से 



संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:

 


पुण्यश्लोक अहिल्‍याबाई होळकर के कार्य पढ़ो और प्रमुख मुद्दे बताओ।


भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।

  • पुस्तकालय से
  • अंतरजाल से

प्लास्टिक, थर्माकोल आदि प्रदूषण बढ़ाने वाले घटकों का उपयोग हानिकारक है।


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


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१. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर २. सर चंद्रशेखर वेंकटरमन  ३. डॉ. हरगोबिंद खुराना ४. मदर टेरेसा
५. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर   ६. अमर्त्यकुमार सेन  ७. वेंकटरमन रामकृष्णन ८. कैलास सत्यार्थी

अपने नाना जी/दादा जी को अपने मन की बात लिखकर भेजो।


नियत विषय पर भाषण तैयार करो।


अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।


समाज सेवी महिला की जीवनी पढ़कर प्रेरणादायी अंश चुनाे और बताओ।


थर्मामीटर में किस धातु का प्रयोग होता है, बताओ।


चित्रों को पहचानकर जलचर, नभचर, थलचर और उभयचर प्राणियों में वर्गीकरण करो।


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।


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