English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

Question

मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से 

Short Answer
Advertisements

Solution

व्यक्ति को सर्वधर्मसमभाव की भावना के साथ सर्वत्र प्रेम फैलाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में छोटी-बड़ी बातों को महत्त्व देते हुए अपने कर्तव्यों का शांति व धैर्य से पालन करना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्ति को अपने मित्र के प्रति कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.7: मेरे रजा साहब - उपयोजित लेखन [Page 18]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati [English] Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 1.7 मेरे रजा साहब
उपयोजित लेखन | Q 2 | Page 18

RELATED QUESTIONS

किसी गायक/गायिका की सचित्र जानकारी लिखो।




गणतंत्र दिवस पर सम्मानित बच्चों के बहादुरी के प्रसंग पढ़ो और पसंदीदा किसी एक का वर्णन करो।


मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से 


‘चतुराई’ संबंधी कोई सुनी हुई कहानी सुनाओ।


अकबर के नौ रत्‍नों के बारे में बताओ।


मैंने समझा शब्द संपदा पाठ से 


किसी दुकानदार और ग्राहक के बीच होने वाला संवाद लिखो और सुनाओ: जैसे - माँ और सब्जीवाली।


मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से 


।। हवा प्रकृति का उपहार, यही है जीवन का आधार ।।


हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।


संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।


जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।


बिना सोचे विचारे किसी बात पर विश्वास ना करें।


थर्मामीटर में किस धातु का प्रयोग होता है, बताओ।


प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।


अपने मित्र को शुभकामना/बधाई पत्र लिखो।


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×