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Question
मैंने समझा मेरे रजा साहब पाठ से
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Solution
व्यक्ति को सर्वधर्मसमभाव की भावना के साथ सर्वत्र प्रेम फैलाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में छोटी-बड़ी बातों को महत्त्व देते हुए अपने कर्तव्यों का शांति व धैर्य से पालन करना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्ति को अपने मित्र के प्रति कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए।
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।। कथनी मीठी खाँड़-सी ।।
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| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
