Advertisements
Advertisements
Question
संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।
Advertisements
Solution
१. समचरण दृष्टि विटेवरी साजिरी। तेथें माझी हरी वृत्ति राहो।।
आणिक न लगे मायिक पदार्थ। तेथें माझें अति नको देवा।।
ब्रम्हादिक पदें दु:खाची शिराणी। तेथें दुश्चित झणी जडों देसी।।
तुका म्हणे त्याचें कळलें आम्हां वर्म। जे जे कर्म धर्म नाशवंत।।
२. सुंदर तें ध्यान उभे विटेवरी। कर कटावरी ठेवूनियां।।
तुळसीचे हार गळा कासे पितांबर। आवडे निरंतर तें चि रूप।।
मकरकुंडलें तळपती श्रवणीं। कंठी कौस्तुभमणि विराजित।।
तुका म्हणे माझें हें चि सर्व सुख। पाहीन श्रीमुख आवडीनें।।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘विकास की ओर बढ़ता हुआ भारत देश’ से संबंधित महत्त्वपूर्ण कार्यों की सूची बनाओ।
‘भोजन का प्रभाव’- टिप्पणी लिखो।
‘गाँव का विकास, देश का विकास’ इस विषय पर संवाद सुनो और सुनाओ।
।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।

।। कथनी मीठी खाँड़-सी ।।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।
अक्षर समूह में से वैज्ञानिकों के उचित नाम बताओ और लिखाे :
| मी | भा | हो | भा | - | ______ | ||
| नी | से | ज | भि | र | - | ______ | |
| मं | बं | जू | स | ल | - | ______ | |
| स्क | रा | र्य | भा | चा | - | ______ | |
| जे. | क | म | ला | ए. | पी. | - | ______ |
| जा | अ | न | म्म | की | ल | - | ______ |
| ना | व | क | ला | चा | ल्प | - | ______ |
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ
