मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से 

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

प्रस्तुत कहानी में यह दर्शाया गया है कि यदि हमारे मन में एकता एवं समर्पण का भाव हो, तो हम किसी भी समस्या पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.07: जहाँ चाह, वहाँ राह - मैंने समझा [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 1.07 जहाँ चाह, वहाँ राह
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्‍न

किसी मौलिक मराठी विज्ञापन का हिंदी में अनुवाद करो।


वृक्ष और पंछी के बीच का संवाद लिखो।


‘यातायात की समस्‍याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।


कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो :

पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


मैंने समझा धरती का आँगन महके कविता से 


‘तंबाकू सेवन के दुष्‍परिणाम’ विषय पर लगभग सौ शब्‍दों में निबंध लिखो।


।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।


।।श्रद्‌धा और विज्ञान, जीवन के दो पक्ष महान।।


 


किसी शहीद और उसके परिवार के बारे में सुनो: मुद्दे - जन्म तिथि, गाँव, शिक्षा, घटना।


यदि प्रकृति में सुंदर - सुंदर रंग नहीं होते तो ..........


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......


जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।


यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...


यदि हिमालय की बर्फ पिघलना बंद हो जाए तो .....


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


अपना परिचय देते हुए परिवार के बारे में दस वाक्य लिखो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×