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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से

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प्रश्न

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से 

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

प्रस्तुत कहानी में यह दर्शाया गया है कि यदि हमारे मन में एकता एवं समर्पण का भाव हो, तो हम किसी भी समस्या पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 1.07: जहॉं चाह, वहाँ राह - मैंने समझा [पृष्ठ २०]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 7 Maharashtra State Board
पाठ 1.07 जहॉं चाह, वहाँ राह
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ २०

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त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।


 


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


किसी परिचित अन्य कहानी लेखन के लिए मुद्‌दे तैयार करो।


यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........


डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा का अंश पढ़कर चर्चा करो।


अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।


यदि समय का चक्र रुक जाए तो ......


किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।


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नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:

एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।


आप आस्था/मनु हैं। 'ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य' इस विषय पर लगभग 100 शब्दों में अपने विचार लिखकर किसी दैनिक समाचार- पत्र के संपादक को भेजिए।


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