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मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से 

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

प्रस्तुत कहानी में यह दर्शाया गया है कि यदि हमारे मन में एकता एवं समर्पण का भाव हो, तो हम किसी भी समस्या पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 1.07: जहॉं चाह, वहाँ राह - मैंने समझा [पृष्ठ २०]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati [English] Standard 7 Maharashtra State Board
अध्याय 1.07 जहॉं चाह, वहाँ राह
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ २०

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