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प्रश्न
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
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उत्तर
लोकमान्य टिळक के मन में उठ रही स्वराज्य की भावना का महत्त्व समझने के साथ ही राजनीति, धर्म, स्वशासन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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| इ | ह | ना | सा | ल | वा | ने | |
| ध्या | द | चं | न | ||||
| व | शा | ध | जा | बा | खा | ||
| ह | ल्खा | सिं | मि | ||||
| म | री | काॅ | मे | ||||
| नि | मि | सा | र्जा | या | |||
| न | र | स | ल | डु | तें | क | चि |
।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
।। जीवदया ही भूतदया है ।।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
कल्पना कीजिए कि आप सीमा पर तैनात एक सिपाही हैं। परिवार तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते हुए आप कैसा महसूस करते हैं? आप अपने परिवार तथा देशवासियों से किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा करते हैं? समझाकर लिखिए।
