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Question
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
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Solution
लोकमान्य टिळक के मन में उठ रही स्वराज्य की भावना का महत्त्व समझने के साथ ही राजनीति, धर्म, स्वशासन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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‘नफरत से नफरत बढ़ती है और स्नेह से स्नेह बढ़ता है’, इस तथ्य से संबंधित अपने विचार लिखो।
दिए गए मुद्दों के आधार पर कहानी लिखो :
| गॉंव में मेला देखने वालों की भीड़ | → | सड़क पर प्रवेश द्वार के बीचोंबीच बड़ा-सा पत्थर | → | पत्थर से टकराकर छोटे-बड़ों का गिरना-पड़ना। | → | बहुत देर से लड़के का देखना |
| लड़के द्वारा पत्थर हटाना, उसके नीचे चिट्ठी पाना | → | चिट्ठी में लिखा था ........? | → | पुरस्कार पाना। | → | सीख और शीर्षक |
मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से


भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।
- पुस्तकालय से
- अंतरजाल से
किसी परिचित अन्य कहानी लेखन के लिए मुद्दे तैयार करो।
यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........
निम्नलिखित चित्रों के नाम बताओ और जानकारी लिखो।

यदि सच में हमारे मामा का घर चॉंद पर होता तो...
नियत विषय पर भाषण तैयार करो।
जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।
।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए तो...
विलुप्त होते हुए प्राणियों तथा पक्षियों की जानकारी प्राप्त करके सूची बनाओ।
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नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

१ से १०० तक की संख्याओं का मुखर वाचन करो।
बढ़ता हुआ प्रदूषण और उसकी रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपाय लिखिए ।
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
