Advertisements
Advertisements
Question
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
Advertisements
Solution
लोकमान्य टिळक के मन में उठ रही स्वराज्य की भावना का महत्त्व समझने के साथ ही राजनीति, धर्म, स्वशासन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से
मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से
‘यातायात की समस्याएँ एवं उपाय’ विषय पर निबंध लिखो।
किसी मराठी निमंत्रण पत्रिका का रोमन (अंग्रेजी) में लिप्यंतरण करो।
निम्न मुद्दों के आधार पर विज्ञापन लिखो :
स्थल/जगह, संपर्क, पुस्तक मेला, दिनांक, समय
गणतंत्र दिवस पर सम्मानित बच्चों के बहादुरी के प्रसंग पढ़ो और पसंदीदा किसी एक का वर्णन करो।
मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से

चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा का अंश पढ़कर चर्चा करो।
अपने नाना जी/दादा जी को अपने मन की बात लिखकर भेजो।
यदि समय का चक्र रुक जाए तो ......
यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...
बिना सोचे विचारे किसी बात पर विश्वास ना करें।
बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।
प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।
पढ़ाई का नियोजन करते हुए अपनी दिनचर्या लिखो।
अपने साथ घटित कोई मजेदार घटना बताओ।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

