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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 8th Standard

मैंने समझा दो लघुकथाएँ पाठ से

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Question

मैंने समझा दो लघुकथाएँ पाठ से 

Short Answer
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Solution

बुरे कार्य का परिणाम हमेशा बुरा ही होता है और ईमानदारी से कार्य करने वालों को सम्मान प्राप्त होता है। अत: हमें हमेशा सच्चाई व ईमानदारी की राह पर चलना चाहिए। घमंड से व्यक्ति का सिर नीचा होता है तथा विनम्रता से सिर झुकाने वाला व्यक्ति आसमान की बुलंदी को छूता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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Chapter 2.2: दो लघुकथाएँ - उपयोजित लेखन [Page 29]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
Chapter 2.2 दो लघुकथाएँ
उपयोजित लेखन | Q (२) | Page 29

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____________


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“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

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