English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 6th Standard

अंधश्रद्‌धा के कारण और उसे दूर करने के उपाय ढूँढ़ो और किसी एक प्रसंग को प्रस्तुत करो।

Advertisements
Advertisements

Question

अंधश्रद्‌धा के कारण और उसे दूर करने के उपाय ढूँढ़ो और किसी एक प्रसंग को प्रस्तुत करो।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

अंधश्रद्धा अर्थात किसी भी सुनी-सुनाई बात पर आँखें मूँदकर बिना उसका तर्क समझे यकीन करना। पुराने समय में अंधश्रद्धा काफी हद तक समाज में फैली हुई थी। इसका मुख्य कारण शिक्षा का अभाव था। जैसे-जैसे समाज शिक्षित होता गया, वैसे-वैसे विज्ञान की प्रगति के साथ अंधश्रद्धा का स्तर घटता गया। हालाँकि आज भी हमारे समाज में अंधश्रद्धा की गिनी-चुनी कुछ वारदातें सुनने व देखने को मिलती हैं, लेकिन विज्ञान के प्रचार-प्रसार के जरिए हम इसे जड़ से खत्म कर सकते हैं।

प्रसंग:- एक रात हमारे मुहल्ले का कुत्ता बहुत रो रहा था। रात में सभी डर रहे थे कि जरूर कुछ बुरा होने वाला है, इसलिए कुत्ता रो रहा है। मुझे लगा कि जरूर कोई और कारण होगा। सुबह होते ही मैं उस कुत्ते के पास गया। वह एक टूटे-पुराने घर के पास पड़ा था। वहाँ जाकर देखा, तो पता चला कि कुत्ते के पैर से बहुत सारा खून निकला हुआ है। उसके पैर में काँच का एक टुकड़ा घुस गया था। अपने पापा और अन्य पड़ोसियों की मदद से मैं उस कुत्ते को डॉक्टर के पास ले गया। फिर कुछ दिनों के बाद वह ठीक हो गया। सच्चाई जानने पर लोगों को अपनी मूर्खता पर अफसोस हुआ कि अंधविश्वास के चलते कुत्ते को रातभर तकलीफ में रहना पड़ा।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.03: कठपुतली - कठपुतली [Page 36]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
Chapter 2.03 कठपुतली
कठपुतली | Q (५) | Page 36

RELATED QUESTIONS

मैंने समझा वारिस कौन? पाठ से 


मैंने समझा नाखून क्यों बढ़ते हैं? पाठ से 


कोई साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए संपादक को निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो :

पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)

दिनांक :
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______
महोदय,
विषय विवेचन

       __________________________________________________

भवदीय/भवदीया,

____________

नाम : ____________
पता : ____________
        ____________

ई-मेल आईडी : ____________


संदर्भ स्रोतों द्‌वारा निम्न रोगों से बचने के लिए दिए जाने वाले टीकों की जानकारी सुनो और संकलित करो :

रोग टीका रोग टीका
तपेदिक(टीबी)  बी.सी.जी टायफॉइड (मोतीझरा) ______
डिप्थीरिया ______ रुबेला ______
खसरा ______ हैपेटाइटिस ए ______
रोटावायरस ______ टिटनस ______

हजारी प्रसाद द्विवेदी की ‘कबीर ग्रंथावली’ से पाँच दोहे ढूँढकर सुंदर अक्षरों में लिखो।


सच्चाई में ही सफलता निहित है।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

'उपहार देना प्यार जताने और सम्मान करने का परिचायक है वर्तमान में उपहार का स्वरूप प्यार कम, व्यापार अधिक हो गया है।' - इस कथन के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।


'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×