Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निचे दिए गए विषय पर मौलिक कहानी लिखिए:
'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'
Advertisements
उत्तर
'कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है।'
रमेश एक छोटे से गाँव में रहता था। वह एक मेहनती किसान था, जिसने अपने खेतों में दिन-रात मेहनत कर फसलें उगाई। उसकी पत्नी, गीता, और दो बच्चे भी थे। रमेश का जीवन सामान्य और सुखद था, लेकिन उसके जीवन में एक बड़ी समस्या थी कर्ज। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए और खेती के लिए कई बार पैसे उधार लिए थे, जिनका ब्याज समय के साथ बढ़ता जा रहा था। रमेश के कर्ज का बोझ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा था। वह इस बोझ से मानसिक और शारीरिक रूप से थक गया था। उसकी रातों की नींद उड़ गई थी और वह हमेशा चिंता में रहता था। उसके चेहरे पर हर समय चिंता की लकीरें साफ दिखाई देती थीं। एक दिन, उसकी पत्नी गीता ने उससे कहा, "रमेश, हमें कुछ उपाय सोचना होगा। इस कर्ज से हमें मुक्त होना ही होगा, वरना यह हमारे जीवन को नष्ट कर देगा।"
रमेश ने गीता की बात पर गहराई से विचार किया और तय किया कि वह अपने खेतों में ज्यादा मेहनत करेगा और अपनी फसल की पैदावार को बढ़ाने की कोशिश करेगा। उसने अपने खेतों में नई तकनीकों का इस्तेमाल करना शुरू किया और दिन-रात मेहनत की। उसका प्रयास रंग लाया और उसकी फसलें अच्छी होने लगीं। उसने अपने उत्पादों को अच्छे दामों पर बेचा और धीरे-धीरे कर्ज चुकाने लगा।
एक साल बाद, रमेश ने सारा कर्ज चुका दिया। अब वह पूरी तरह से कर्जमुक्त हो चुका था। कर्जमुक्त होते ही उसके मन का बोझ हट गया और उसके चेहरे पर एक नई चमक आ गई। उसकी रातों की नींद वापस आ गई और वह पहले की तरह खुशी-खुशी जीवन जीने लगा।
रमेश ने अपने बच्चों को भी यही सिखाया कि कर्ज से बचना चाहिए और अपने खर्चों को नियंत्रित रखना चाहिए। उसने उन्हें सिखाया कि मेहनत और ईमानदारी से जीवन जीना ही सबसे बड़ा सुख है। रमेश अब अपने जीवन में सुखी और संतुष्ट था, क्योंकि वह जानता था कि कर्जमुक्त मनुष्य ही सबसे सुखी मनुष्य होता है। रमेश की यह कहानी गाँव में हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई। लोगों ने उससे सीख ली कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर समस्या का समाधान किया जा सकता है। कर्जमुक्त होकर रमेश ने न केवल अपने परिवार को सुखी बनाया, बल्कि पूरे गाँव को एक नई दिशा दी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
प्राचीन काल से आज तक प्रचलित संदेश वहन के साधनों की सचित्र सूची तैयार करो।
‘जल के अपव्यय की रोकथाम’ संबंधी चित्रकला प्रदर्शनी का आकर्षक विज्ञापन तैयार करो।
‘कर्म ही पूजा है’, विषय पर अपने विचार सौ शब्दों में लिखो।
स्वामी विवेकानंद का कोई भाषण पढ़ो और प्रमुख वाक्य बताओ।

।। हम विज्ञान लोक के वासी ।।

निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:


।। बिन माँगे मोती मिले।।
‘शालेय स्वच्छता अभियान’ में तुम्हारा सहयोग बताओ।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________
।। गागर में सागर भरना ।।
महान विभूतियों की सूची बनाकर उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए निबंध लिखो।
।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।
यदि सच में हमारे मामा का घर चॉंद पर होता तो...
विद्यालय के स्नेह सम्मेलन का वर्णन करो।
।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
।। विज्ञान का फैलाओगे प्रकाश तो होगा अंधविश्वास का नाश ।।
अपने मित्र को शुभकामना/बधाई पत्र लिखो।
चित्रों को पहचानकर जलचर, नभचर, थलचर और उभयचर प्राणियों में वर्गीकरण करो।

वैज्ञानिक की जीवनी पढ़ो और उसके आविष्कार लिखो।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :

दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
डिजिटल युग और मैं
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का समाज पर प्रभाव
