Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एक समांतर चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें AB = 4 cm, BC = 5 cm और ∠B = 60∘ है।
Advertisements
उत्तर
हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
तो, AB = DC = 4 cm
BC = AD = 5 cm
∠B = 60°
∠A + ∠B = 180° ...[सम्मुख कोणों का योग]
∠A = 180°

रचना के चरण -
चरण I - AB = 4 cm खींचिए।
चरण II - किरण BX खींचिए जो ∠ABX = 60° है।
चरण III - एक बिन्दु C अंकित करें जो BC = 5 cm है।
चरण IV - एक किरण AY खींचें जो ∠YAB = 120 है।
चरण V - एक बिन्दु D अंकित करें जो AD = 5 cm है।
चरण VI - C और D को मिलाएँ।
अत:, ABCD अभीष्ट समांतर चतुर्भुज है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यदि एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों, तो दर्शाइए कि वह एक आयत है।
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। प्रत्येक कथन को परिभाषा या प्रयोग किए गए गुण द्वारा पूरा कीजिए :

- AD = ______
- ∠DCB = ______
- OC = ______
- m∠DAB + m∠CDA = ______
क्या एक चतुर्भुज ABCD समांतर चतुर्भुज हो सकता है यदि ∠D +∠B = 180°?
एक चतुर्भुज का नाम बताइए जिसके विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते है।
एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लंब होते हैं। क्या यह कथन सत्य है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
चतुर्भुज ABCD में, ∠A + ∠D = 180° है। इस चतुर्भुज को कौन-सा विशेष नाम दिया जा सकता है?
निम्नलिखित आकृति में, यह दिया है कि BDEF और FDCE समांतर चतुर्भुज हैं। क्या आप कह सकते हैं कि BD = CD है? क्यों और क्यों नहीं?

ABCD एक समलंब है जिसमें AB || DC और ∠A = ∠B = 45° है। इस समलंब के कोण C और D ज्ञात कीजिए।
एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, AB = 10 cm और AD = 6 cm है। ∠A का समद्विभाजक DC से E पर मिलता है तथा AE और BC बढ़ाने पर F पर मिलते हैं। CF की लंबाई ज्ञात कीजिए।
यदि किसी समांतर चतुर्भुज के दो आसन्न कोण (5x − 5)∘ और (10x + 35)∘ हैं, तो इन कोणों का अनुपात होगा –
किसी समांतर चतुर्भुज के एक अधिक कोण वाले शीर्ष से खींचे गये दो शीर्षलंबों के बीच का कोण 30∘ है। उस अधिक कोण की माप है –
एक समांतर चतुर्भुज की आसन्न भुजाएँ 5 cm और 9 cm है। उसका परिमाप ______ है।
यदि एक चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर हों, तो वह अवश्य ही समांतर चतुर्भुज होगा।
किसी चतुर्भुज के विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु इनमें से एक को 1:2 के अनुपात में विभाजित करता है। क्या यह एक समांतर चतुर्भुज होगा? क्यों और क्यों नहीं?
किसी समांतर चतुर्भुज का एक विकर्ण उसके एक कोण को समद्विभाजित करता है। क्या वह दूसरे कोण को भी समद्विभाजित करेगा? कारण दीजिए।
किसी समांतर चतुर्भुज के दो संलग्न कोणों के मापों का अनुपात 1 : 2 हो तो उस समांतर चतुर्भुज के सभी कोणों के माप ज्ञात कीजिए।
आकृति में `square` PQRS तथा `square` ABCR दो समांतर चतुर्भुज है। ∠P = 110° तो `square `ABCR के सभी कोणों के माप ज्ञात कीजिए।

आकृति में `square` ABCD समांतर चतुर्भुज है। किरण AB पर बिंदु E इस प्रकार है कि BE = AB तो सिद्ध कीजिए कि रेखा ED यह रेख BC को बिंदु F पर समद्विभाजित करती है।

संलग्न आकृति में समांतर चतुर्भुज `square` ABCD की भुजाओं पर P, Q, R, S इस प्रकार है कि, AP = BQ = CR = DS तो सिद्ध कीजिए कि `square` PQRS समांतर चतुर्भुज है।

