English

उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकंड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान

Advertisements
Advertisements

Question

उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकंड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5 × 1015 है, तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।

Numerical
Advertisements

Solution

आवृत्ति (v) = `1/"जीवनकाल"`

= `1/(2 xx 10^-9)`

= 5.0 × 108 s−1

एक फोटॉन की ऊर्जा = hv

= 6.626 × 10−34 × 5.0 × 108

= 3.313 × 10−25 J

∴ स्रोत की ऊर्जा = उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या × एक फोटॉन की ऊर्जा

= 2.5 × 1015 × 3.313 × 10−25

= 8.282 × 10−10 J

shaalaa.com
हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: परमाणु की संरचना - अभ्यास [Page 71]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 2 परमाणु की संरचना
अभ्यास | Q 2.49 | Page 71

RELATED QUESTIONS

हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा −13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जाएँ क्या होंगी?


निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।


  1. बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
  2. इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।

हाइड्रोजन परमाणु में अंतरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10−11 m है। कक्षा n = 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?


हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग – 3.4eV है।

  1. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
  2. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
  3. यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?

प्रथम बोर-त्रिज्या और म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु [अर्थात् कोई परमाणु जिसमें लगभग 207 me द्रव्यमान का ऋणावेशित म्यूऑन (μ) प्रोटॉन के चारों ओर घूमता है। की निम्नतम अवस्था ऊर्जा को प्राप्त करने का परिकलन कीजिए।


हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।


हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा En = `(-2.18 × 10^-18)/("n"^2) "J"` द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्घ्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×