Advertisements
Advertisements
Question
हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।
Advertisements
Solution
हाइड्रोजन परमाणु के लिए: rn = 0.529 × n2 Å
∴ r5 = 0.529 × (5)2 Å
= 13.225 Å
= 1.3225 nm
RELATED QUESTIONS
हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा −13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जाएँ क्या होंगी?
- बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
- इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।
हाइड्रोजन परमाणु में अंतरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10−11 m है। कक्षा n = 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?
कमरे के ताप पर गैसीय हाइड्रोजन पर किसी 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की बमबारी की गई। किन तरंगदैर्घ्यों की श्रेणी उत्सर्जित होगी?
हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग – 3.4eV है।
- इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
- इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
- यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?
प्रथम बोर-त्रिज्या और म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु [अर्थात् कोई परमाणु जिसमें लगभग 207 me द्रव्यमान का ऋणावेशित म्यूऑन (μ–) प्रोटॉन के चारों ओर घूमता है। की निम्नतम अवस्था ऊर्जा को प्राप्त करने का परिकलन कीजिए।
हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा En = `(-2.18 × 10^-18)/("n"^2) "J"` द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्घ्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?
\[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom−1 है।
