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निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

Numerical
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Solution

निम्नतम अवस्था के लिए, n1 = 1

माना इस अवस्था के लिए ऊर्जा E1 है। यह ज्ञात है कि E1 और n1 इस प्रकार संबंधित है:

`E_1 = (-13.6)/(n_1^2) eV`

= `(-13.6)/1^2`

= −13.6 eV

यह परमाणु उतेजित होकर n2 = 4 अवस्था में आ जाता है। माना इस अवस्था के लिए ऊर्जा E2 है।

∴ `E_2 = (-13.6)/n_2^2 eV`

= `(-13.6)/4^2`

= `(-13.6)/16 eV`

फोटॉन द्वारा अवशोषित ऊर्जा की मात्रा निम्न रूप में दी गई है:

E = E2 − E1

= `(-13.6)/16 - ((-13.6)/1)`

= `(13.6 xx 15)/16 eV`

= `(13.6 xx 15)/16 xx 1.6 xx 10^(-19)`

= 2.04 × 10−18 J

तरंगदैर्घ्य λ के एक फोटॉन के लिए, ऊर्जा की अभिव्यक्ति इस प्रकार लिखी जाती है:

`"E" = (hc)/lambda`

जहाँ,

h = प्लांक स्थिरांक = 6.6 × 10−34 Js

c = प्रकाश की गति = 3 × 108 m/s

∴ λ = `(hc)/E`

= `(6.6 xx 10^-34 xx 3 xx 10^8)/(2.04 xx 10^-18)`

= 9.7 × 10−8 m

= 97 nm

फोटॉन की आवृत्ति निम्न संबंध द्वारा दी जाती है:

`v = c/lambda`

= `(3 xx 10^8)/(9.7 xx 10^(-8))`

≈ 3.1 × 1015 Hz

इसलिए, फोटॉन की तरंगदैर्घ्य 97 nm है जबकि आवृत्ति 3.1 × 1015 Hz है।

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हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल
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Chapter 12: परमाणु - अभ्यास [Page 305]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 12 परमाणु
अभ्यास | Q 12.5 | Page 305

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  1. बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
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हाइड्रोजन परमाणु में अंतरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10−11 m है। कक्षा n = 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?


कमरे के ताप पर गैसीय हाइड्रोजन पर किसी 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की बमबारी की गई। किन तरंगदैर्घ्यों की श्रेणी उत्सर्जित होगी?


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा सम्बद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।


हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग – 3.4eV है।

  1. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
  2. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
  3. यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?

प्रथम बोर-त्रिज्या और म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु [अर्थात् कोई परमाणु जिसमें लगभग 207 me द्रव्यमान का ऋणावेशित म्यूऑन (μ) प्रोटॉन के चारों ओर घूमता है। की निम्नतम अवस्था ऊर्जा को प्राप्त करने का परिकलन कीजिए।


हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।


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(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)


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उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकंड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5 × 1015 है, तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।


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