English

HeX(g)+⟶HeX(g)2++eX− प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom−1 है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

\[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom1 है।

Numerical
Advertisements

Solution

हाइड्रोजन जैसी स्पीशीज़ के लिए, nth कक्षक की ऊर्जा निम्न व्यंजक से प्राप्त की जा सकती है-

En = `-1/(4πε_0)^2 xx (2π^2"me"^4"Z"^2)/("n"^2"h"^2) = -(2.18 xx 10^-18  "Z"^2)/("n"^2) "J atom"^-1`

\[\ce{He^+_{ (g)}}\] आयन के लिए, Z = 2

∴ En = `-(2.18 xx 10^-18 xx (2)^2)/"n"^2 = -(8.72 xx 10^-18)/"n"^2 "J atom"^-1`

∴ E1 = `-(8.72 xx 10^-18)/(1)^2 = -8.72 xx 10^-18 "J atom"^-1`

E = 0

अतः प्रक्रम \[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] के लिए आवश्यक ऊर्जा

ΔE = E − E1

= 0 − (−8.72 × 10−18)

= 8.72 × 10−18 J atom−1

shaalaa.com
हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।


  1. बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
  2. इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।

हाइड्रोजन परमाणु में अंतरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10−11 m है। कक्षा n = 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?


कमरे के ताप पर गैसीय हाइड्रोजन पर किसी 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की बमबारी की गई। किन तरंगदैर्घ्यों की श्रेणी उत्सर्जित होगी?


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा सम्बद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।


प्रथम बोर-त्रिज्या और म्यूओनिक हाइड्रोजन परमाणु [अर्थात् कोई परमाणु जिसमें लगभग 207 me द्रव्यमान का ऋणावेशित म्यूऑन (μ) प्रोटॉन के चारों ओर घूमता है। की निम्नतम अवस्था ऊर्जा को प्राप्त करने का परिकलन कीजिए।


हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।


हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा En = `(-2.18 × 10^-18)/("n"^2) "J"` द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्घ्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×