Advertisements
Advertisements
Question
`tan^-1((1 - x)/(1 + x)) = 1/2 tan^-1x, x > 0` को x के लिए हल कीजिए।
Advertisements
Solution
दिए गए समीकरण से,
`2tan^-1 ((1 - x)/(1 + x)) = tan^-1x`
⇒ `2[tan^-1 1 - tan^-1x] = tan^-1x`
⇒ `2(pi/4) = 3tan^-1x`
⇒ `pi/6 = tan^-1x`
⇒ x = `1/sqrt(3)`
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
`tan^-1sin((-pi)/2)` को परिकलित कीजिए ।
`tan^-1 sqrt(3) - sec^-1(-2)` का मान ज्ञात कीजिए।
tan (cos–1x) का मान ज्ञात कीजिए और फिर `tan(cos^-1 8/17)` परिकलित कीजिए।
सिद्ध कीजिए कि cot–17 + cot–18 + cot–118 = cot–13
समीकरण `sin^-1 6x + sin^-1 6sqrt(3)x = - pi/2` को हल कीजिए।
दर्शाइए कि
`2tan^-1 {tan alpha/2 * tan(pi/4 - beta/2)} = tan^-1 (sin alpha cos beta)/(cosalpha + sinbeta)`
निम्न में से कौन सा tan-1 की मुख्य मान शाखा है?
sin-1 2x का प्रांत है।
`sin^-1 ((-sqrt(3))/2)` का मुख्य मान है।
यदि θ = sin–1 (sin (– 600°), तब θ का मान है।
`cos[cos^-1 ((-sqrt(3))/2) + pi/6]` का मान ज्ञात कीजिए।
समीकरण `tan^-1 sqrt(x(x + 1)) + sin^-1 sqrt(x^2 + x + 1) = pi/2` के वास्तविक हल ज्ञात कीजिए।
व्यंजक `sin(2tan^-1 1/3) + cos(tan^-1 2sqrt(2))` का मान निकालिए।
सिद्ध कीजिए कि `tan^-1 ((sqrt(1 + x^2) + sqrt(1 - x^2))/((1 + x^2) - sqrt(1 - x^2))) = pi/2 + 1/2 cos^-1x^2`
`4tan^-1 1/5 - tan^-1 1/239` का मान ज्ञात कीजिए।
यदि a1, a2, a3,...,an एक समांतर श्रेढ़ी में है जिसका सार्व अंतर (common difference) d है तो निम्नलिखित व्यंजक का मान निकालिए।
`tan[tan^-1("d"/(1 + "a"_1 "a"_2)) + tan^-1("d"/(21 + "a"_2 "a"_3)) + tan^-1("d"/(1 + "a"_3 "a"_4)) + ... + tan^-1("d"/(1 + "a"_("n" - 1) "a""n"))]`
निम्नलिखित में से कौन सा cosec-1x की मूख्य शाखा है?
f(x) = `sin^-1 sqrt(x- 1)` द्वारा परिभाषित फलन का प्रांत है।
यदि `cos(sin^-1 2/5 + cos^-1x)` = 0 , तो x का मान है।
यदि tan–1x + tan–1y = `(4pi)/5`, तो cot–1x + cot–1y बराबर है।
यदि `sin^-1 ((2"a")/(1 + "a"^2)) + cos^-1 ((1 - "a"^2)/(1 + "a"^2)) = tan^-1 ((2x)/(1 - x^2))`, जहाँ a, x ∈ ] 0, 1, तब x का मान बराबर है।
`cot[cos^-1 (7/25)]` का मान है।
यदि `cos(tan^-1x + cot^-1 sqrt(3))` = 0, तब x का मान ______ है।
`cos^-1 (cos (14pi)/3)` का मान ______ है।
cos (sin–1x + cos–1x), |x| ≤ 1 का मान ______ है।
प्रत्येक त्रिकोणमितीय फलन का उनके संगत प्रांतों में प्रतिलोम फलन का अस्तित्व होता है।
प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का आलेख उनके संगत त्रिकोणमितीय फलन के आलेख में x तथा y अक्ष का परस्पर विनिमय करके प्राप्त किया जा सकता है।
