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प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?

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Question

प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?

Answer in Brief
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Solution

  • प्रियतमा के दुख के ये कारण निहित हैं-
  1. प्रियतमा का प्रियतम कार्यवश परदेश गया हुआ है। वह प्रियतम के साथ को लालयित है परन्तु उसकी अनुपस्थिति उसे पीड़ा दे रही है।
  2. सावन मास आरंभ हो गया है। ऐसे में अकेले रहना प्रियतमा के लिए संभव नहीं है। वर्षा का आगमन उसे गहन दुख देता है।
  3. वह अकेली है। ऐसे में घर उसे काटने को दौड़ता है।
  4. प्रियतम उसे परदेश में जाकर भूल गया है। अतः यह स्थिति उसे कष्टप्रद लग रही है।
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पद
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Chapter 1.09: विद्यापति - पद - प्रश्न-अभ्यास [Page 50]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.09 विद्यापति - पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | Page 50

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

हरि आप हरो जन री भीर।
द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर।
भगत कारण रुप नरहरि, धर्यो आप सरीर।


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।


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