Advertisements
Advertisements
Question
कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Advertisements
Solution
कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कोयल का मधूर स्वर और भौरों का गुंजन नायिका को अपने प्रेमी की याद दिला देती है। वह अपने कानों को बंद कर इनके कलरव सुनने से बचना चाहती है परन्तु ये आवाज़ें उसे फिर भी सता रही हैं। परदेश गए प्रियतम की याद उसे सताने लगती है। विरहग्नि उसे वैसे ही बहुत जलाए हुए हैं। ये कलरव उसे और भी जला रहा है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?
गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?
‘मरजादा न लही’ के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?
कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?
गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?
प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।
गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए?
गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?
गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?
गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।
उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?
गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।
गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?
‘गुर चाँटी ज्यों पागी’ कहने से गोपियों की किस मनोदशा की अभिव्यक्ति होती है?
गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?
‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?
गोपियों ने स्वयं को अबला और भोली कहा है। आपकी दृष्टि से उनका ऐसा कहना कितना उपयुक्त है?
‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है?
गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?
उद्धव गोपियों के पाए जिस उद्देश्य से आए थे, उसमें सफल नहीं हो सके?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
पहले पद में मीरा ने हरि से अपनी पीड़ा हरने की विनती किस प्रकार की है?
दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रुप-सौंदर्य का वर्णन कैसे किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की
- चीर – __________
- बूढ़ता – __________
- लगास्यूँ – __________
- धर्यो – __________
- कुण्जर – __________
- बिन्दावन – __________
- रहस्यूँ – __________
- राखो – __________
- घणा – __________
- सरसी – __________
- हिवड़ा – __________
- कुसुम्बी – __________
मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।
मीरा के पदों का संकलन करके उन पदों को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।
पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।
कवयित्री मीरा ने अपने प्रभु से क्या प्रार्थना की है? प्रथम पद के आधार पर लिखिए।
कवयित्री मीरा ने श्रीकृष्ण को उनकी क्षमताओं का स्मरण क्यों कराया?
श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ?
भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?
तीनू बाताँ सरसी’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है? उसकी यह मनोकामना कैसे पूरी हुई ?
पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।
मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण का दर्शन और सामीप्य पाने के लिए क्या-क्या उपाय करती हैं?
'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?
प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?
कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
‘सेह पिरित अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए’ से लेखक का क्या आशय है?
नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।
कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।
गोपियों को उद्धव का शुष्क संदेश पसंद न आने का मुख्य कारण था-
गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?
गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -
पद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :
श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मीरा कौन-कौन से कार्य करने को तत्पर है? इनसे श्रीकृष्ण के प्रति मीरा के किस भाव का पता चलता है?
