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कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?

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Question

कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Short/Brief Note
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Solution

कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कोयल का मधूर स्वर और भौरों का गुंजन नायिका को अपने प्रेमी की याद दिला देती है। वह अपने कानों को बंद कर इनके कलरव सुनने से बचना चाहती है परन्तु ये आवाज़ें उसे फिर भी सता रही हैं। परदेश गए प्रियतम की याद उसे सताने लगती है। विरहग्नि उसे वैसे ही बहुत जलाए हुए हैं। ये कलरव उसे और भी जला रहा है।

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पद
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Chapter 1.09: विद्यापति - पद - प्रश्न-अभ्यास [Page 50]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.09 विद्यापति - पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | Page 50

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
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उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

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