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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए- हरि आप हरो जन री भीर।द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर।भगत कारण रुप नरहरि, धर्यो आप सरीर।

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Question

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

हरि आप हरो जन री भीर।
द्रोपदी री लाज राखीआप बढ़ायो चीर।
भगत कारण रुप नरहरिधर्यो आप सरीर।

Short/Brief Note
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Solution

इस पद में मीरा ने कृष्ण के भक्तों पर कृपा दृष्टि रखने वाले रुप का वर्णन किया है। वे कहती हैं - "हे हरि ! जिस प्रकार आपने अपने भक्तजनों की पीड़ा हरी है, मेरी भी पीड़ा उसी प्रकार दूर करो। जिस प्रकार द्रोपदी का चीर बढ़ाकर, प्रह्लाद के लिए नरसिंह रुप धारण कर आपने रक्षा की, उसी प्रकार मेरी भी रक्षा करो।" इसकी भाषा ब्रज मिश्रित राजस्थानी है। 'र' ध्वनि का बारबार प्रयोग हुआ है तथा 'हरि' शब्द में श्लेष अलंकार है।

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पद
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Chapter 1.2: पद - प्रश्न-अभ्यास (ख) [Page 11]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 1.2 पद
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 1 | Page 11

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