Advertisements
Advertisements
Question
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हरि आप हरो जन री भीर।
द्रोपदी री लाज राखी, आप बढ़ायो चीर।
भगत कारण रुप नरहरि, धर्यो आप सरीर।
Advertisements
Solution
इस पद में मीरा ने कृष्ण के भक्तों पर कृपा दृष्टि रखने वाले रुप का वर्णन किया है। वे कहती हैं - "हे हरि ! जिस प्रकार आपने अपने भक्तजनों की पीड़ा हरी है, मेरी भी पीड़ा उसी प्रकार दूर करो। जिस प्रकार द्रोपदी का चीर बढ़ाकर, प्रह्लाद के लिए नरसिंह रुप धारण कर आपने रक्षा की, उसी प्रकार मेरी भी रक्षा करो।" इसकी भाषा ब्रज मिश्रित राजस्थानी है। 'र' ध्वनि का बारबार प्रयोग हुआ है तथा 'हरि' शब्द में श्लेष अलंकार है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?
उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है?
उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?
गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए?
उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?
गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?
गोपियों ने कृष्ण को राजधर्म की बात क्यों याद दिलाई?
पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।
कवयित्री मीरा ने श्रीकृष्ण को उनकी क्षमताओं का स्मरण क्यों कराया?
भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?
तीनू बाताँ सरसी’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है? उसकी यह मनोकामना कैसे पूरी हुई ?
प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?
कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।
कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?
गोपियों को उद्धव का शुष्क संदेश पसंद न आने का मुख्य कारण था-
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
प्रथम पद में मीरा अपने आराध्य से कैसे और क्या प्रार्थना करती हैं?
