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Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।
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Solution
प्रस्तुत पंक्तियों में प्रेमिका की हृदय की दशा का वर्णन किया गया है। कवि के अनुसार नायिका को ऐसा प्राकृतिक वातावरण भाता नहीं है, जो संयोग कालीन हो। वह स्वयं वियोग की अवस्था में है। उसका प्रियतम उसे छोड़कर बाहर गया हुआ है। वसंत के कारण वन विकसित हो रहा है। नायिका को यह दृश्य विरहग्नि में जला रहा है। अतः कमल के समान सुंदर मुख वाली राधा दोनों हाथों से अपनी आँखों को बंद कर देती है। इसी तरह जब कोयल कूकने लगती है और भंवरे फूलों पर गुंजान करने लगते हैं, तो वह अपने कानों को बंद कर लेती है क्योंकि उनका मधुर स्वर उसे आहत करता है। उसे रह-रहकर अपने प्रियतम का स्मरण हो आता है।
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
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- चीर – __________
- बूढ़ता – __________
- लगास्यूँ – __________
- धर्यो – __________
- कुण्जर – __________
- बिन्दावन – __________
- रहस्यूँ – __________
- राखो – __________
- घणा – __________
- सरसी – __________
- हिवड़ा – __________
- कुसुम्बी – __________
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