English

राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

राम के वन-गमन जाने के बाद माँ उनकी वस्तुएँ देखकर भाव-विभोर हो जाती हैं। उनका स्नेह आँसुओं के रूप में आँखों से छलक पड़ता है। उन्हें राजभवन में तथा राम के भवन में राम ही दिखाई देते हैं। उनकी आँखें हर स्थान पर राम को देखती हैं और जब उन्हें इस बात का स्मरण आता है कि राम उनके पास नहीं हैं, वह चौदह वर्षों के लिए उनसे दूर चले गए है, तो वे चित्र के समान चकित और स्तब्ध रह जाती हैं। राम से जूड़ी वस्तु को नेत्रों से लगा लेती हैं। वह इतनी व्याकुल हो जाती हैं कि उन्हें स्वयं की भी सुध नहीं रहती हैं। पुत्र के कष्टों का भान करते हुए वे और भी दुखी हो जाती हैं।

shaalaa.com
पद
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.07: तुलसीदास - भरत-राम का प्रेम, पद - प्रश्न-अभ्यास [Page 37]

APPEARS IN

NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.07 तुलसीदास - भरत-राम का प्रेम, पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | Page 37

RELATED QUESTIONS

गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?


उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है?


गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?


उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?


‘मरजादा न लही’ के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?


कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?


गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?


प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।


गोपियों के अनुसार राजा का धर्म क्या होना चाहिए?


गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?


गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?


संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए?


गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।


उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?


गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।


गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?


‘गुर चाँटी ज्यों पागी’ कहने से गोपियों की किस मनोदशा की अभिव्यक्ति होती है?


गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?


ऐसी कौन-सी बात थी जिसे गोपियों को अपने मन में दबाए रखने के लिए विवश होना पड़ा?


‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?


गोपियों ने स्वयं को अबला और भोली कहा है। आपकी दृष्टि से उनका ऐसा कहना कितना उपयुक्त है?


गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?


गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?


उद्धव गोपियों के पाए जिस उद्देश्य से आए थे, उसमें सफल नहीं हो सके?


गोपियों ने कृष्ण को राजधर्म की बात क्यों याद दिलाई?


दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।


यदि आपको मीरा के पदों के कैसेट मिल सकें तो अवसर मिलने पर उन्हें सुनिए।


मीरा के पदों का संकलन करके उन पदों को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।


कवयित्री मीरा ने अपने प्रभु से क्या प्रार्थना की है? प्रथम पद के आधार पर लिखिए।


कवयित्री मीरा ने श्रीकृष्ण को उनकी क्षमताओं का स्मरण क्यों कराया?


भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?


तीनू बाताँ सरसी’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है? उसकी यह मनोकामना कैसे पूरी हुई ?


कवयित्री मीरा अपने प्रभु के सौंदर्य पर क्यों रीझी हुई हैं? स्पष्ट कीजिए।


पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।


मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण का दर्शन और सामीप्य पाने के लिए क्या-क्या उपाय करती हैं?


'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?


प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?


कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?


‘सेह पिरित अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए’ से लेखक का क्या आशय है?


नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।


कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।

सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल।।

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।


गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?


गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×