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पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

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Question

पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

Answer in Brief
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Solution

  1. कबहुँ प्रथम ज्यों जाइ जगावति कहि प्रिय बचन सवारे।
    इस पंक्ति में 'ज' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  2. कबहुँ कहति यों "बड़ी बार भइ जाहु भूप पहँ, भैया।
    इस पंक्ति में 'क' तथा 'ब' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  3. ए बर बाजि बिलोकि आपने बहुरो बनहिं सिधावौ।
    इस पंक्ति में 'ब' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  4. जे पय प्याइ पोखि कर-पंकज वार वार चुचकारे।
    इस पंक्ति में 'प' तथा 'व' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
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पद
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Chapter 1.07: तुलसीदास - भरत-राम का प्रेम, पद - प्रश्न-अभ्यास [Page 45]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.07 तुलसीदास - भरत-राम का प्रेम, पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | Page 45

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
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  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

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