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पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

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प्रश्न

पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

  1. कबहुँ प्रथम ज्यों जाइ जगावति कहि प्रिय बचन सवारे।
    इस पंक्ति में 'ज' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  2. कबहुँ कहति यों "बड़ी बार भइ जाहु भूप पहँ, भैया।
    इस पंक्ति में 'क' तथा 'ब' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  3. ए बर बाजि बिलोकि आपने बहुरो बनहिं सिधावौ।
    इस पंक्ति में 'ब' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
  4. जे पय प्याइ पोखि कर-पंकज वार वार चुचकारे।
    इस पंक्ति में 'प' तथा 'व' वर्ण की आवृत्ति एक से अधिक बार हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
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पद
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अध्याय 1.06: तुलसीदास (भरत-राम का प्रेम, पद) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४५]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
अध्याय 1.06 तुलसीदास (भरत-राम का प्रेम, पद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ४५

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