Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?
Advertisements
उत्तर
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह श्री कृष्ण ने नहीं किया। गोपियाँ उनसे अपेक्षा करती थीं कि वे उनके प्रेम की मर्यादा का पालन करेंगे, लेकिन उन्होंने योग संदेश भेजकर प्रेम की मर्यादा को ही तोड़ दिया। इससे स्पष्ट होता है कि भगवान श्री कृष्ण का प्रेम अनंत और अद्भुत है, जो केवल व्यक्तिगत सीमाओं से परे है। उन्होंने गोपियों को अपने योग संदेश के माध्यम से इस उच्च प्रेम का अनुभव कराया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?
गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।
गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?
‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?
गोपियों ने स्वयं को अबला और भोली कहा है। आपकी दृष्टि से उनका ऐसा कहना कितना उपयुक्त है?
‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है?
गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?
गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?
मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।
पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।
श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ?
कवयित्री मीरा अपने प्रभु के सौंदर्य पर क्यों रीझी हुई हैं? स्पष्ट कीजिए।
पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।
कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
प्रथम पद में मीरा अपने आराध्य से कैसे और क्या प्रार्थना करती हैं?
