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प्रश्न
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?
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उत्तर
राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद में लक्ष्मण ने मुझे सर्वाधिक प्रभावित किया। उन्होंने परशुराम को साहस से संबोधित किया कि हम भी कोमल बालक नहीं हैं जो धमकियों से डरेंगे। वे युद्धभूमि में युद्ध करने के लिए अपनी वीरता की डींगें नहीं बजाते, बल्कि वीर योद्धा होने का सम्मान करते हैं।
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परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।
लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।
परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -
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बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर। |
साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
बालकु बोलि बधौं नहि तोही।
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।
बार बार मोहि लागि बोलावा||
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -
लखन उतर आहुति सरिस भृगुबरकोपु कृसानु।
बढ़त देखि जल सम बचन बोले रघुकुलभानु||
“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”
आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।
उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।
“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?
परशुराम को अपने फरसे पर इतना घमंड क्यों था?
अथवा
परशुराम ने अपने फरसे की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?
लक्ष्मण ने क्या-क्या कहकर परशुराम पर व्यंग्य किया?
लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?
लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था?
'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के अंतर्गत लक्ष्मण वीरों और कायरों की कौन-सी विशेषताएँ बताते हैं और क्यों?
