हिंदी

“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।

विस्तार में उत्तर
Advertisements

उत्तर

सामाजिक जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को कभी न कभी क्रोध आता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि उसका स्वरूप सकारात्मक होना चाहिए। क्रोध मन की स्थिति की एक स्वाभाविक अभिव्यक्ति है। इसे हमेशा दबाकर रखना संभव नहीं होता। इसके माध्यम से मन में छिपी हुई भावनाएँ और कुंठाएँ बाहर आ जाती हैं। आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उत्पन्न हुआ क्रोध सकारात्मक माना जाता है, जबकि अहंकार से जन्मा क्रोध नकारात्मक होता है। माता-पिता द्वारा बच्चों की गलती पर क्रोध करना आवश्यक होता है और यह एक सकारात्मक रूप है।

ईर्ष्या, जलन या किसी पर अपनी शक्ति और प्रभाव दिखाने के उद्देश्य से किया गया क्रोध नकारात्मक माना जाता है। ऐसे क्रोध पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक है। अन्यथा क्रोध की अवस्था में व्यक्ति कई ऐसे कार्य कर बैठता है, जिनका पछतावा उसे जीवन भर हो सकता है।

अतः क्रोध मनुष्य की एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है, लेकिन उस पर नियंत्रण और संयम बनाए रखना बहुत आवश्यक है। अन्यथा इसके नकारात्मक परिणाम इसके सकारात्मक प्रभावों की तुलना में कई गुना अधिक हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं।

shaalaa.com
राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
प्रश्न-अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्न

परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?


परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।


लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।


निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।

बार बार मोहि लागि बोलावा||


उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।


“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?


धनुष टूटने पर लक्ष्मण किन तर्कों के आधार पर राम को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे?


लक्ष्मण ने क्या-क्या कहकर परशुराम पर व्यंग्य किया?


लक्ष्मण के वाक्चातुर्य पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।


लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?


निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने अपने कुल की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।)


लक्ष्मण ने वीरों के क्या लक्षण बताए?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के अंतर्गत लक्ष्मण वीरों और कायरों की कौन-सी विशेषताएँ बताते हैं और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×