हिंदी

अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।

विस्तार में उत्तर
Advertisements

उत्तर

मेरे मित्र का नाम यश है। वह मेरे जीवन में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि वह हर परिस्थिति में मेरा साथ देता है और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। यश बहुत ही मिलनसार और सच्चे स्वभाव का व्यक्ति है। वह हमेशा सत्य का साथ देता है और कभी किसी के साथ छल-कपट नहीं करता। वह बहुत परिश्रमी है तथा अपने हर कार्य को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ पूरा करता है। एक बार उसने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर एक कठिन परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिससे हम सभी को उस पर बहुत गर्व महसूस हुआ। इस प्रकार, यश का व्यक्तित्व उसे एक आदर्श मित्र बनाता है।

shaalaa.com
राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
प्रश्न-अभ्यास | Q 12. | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्न

परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?


लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।


लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


भाव स्पष्ट कीजिए -

इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।


पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।


इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

बालकु बोलि बधौं नहि तोही।


निम्नलिखित पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

लखन उतर आहुति सरिस भृगुबरकोपु कृसानु।

बढ़त देखि जल सम बचन बोले रघुकुलभानु||


“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।


अवधी भाषा आज किन-किन क्षेत्रों में बोली जाती है?


धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?


“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?


धनुष टूटने पर लक्ष्मण किन तर्कों के आधार पर राम को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे?


परशुराम को अपने फरसे पर इतना घमंड क्यों था?
अथवा
परशुराम ने अपने फरसे की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


परशुराम विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत किस तरह करते हैं?


लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?


लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था?


'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×