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'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

क्रोध से बात और अधिक बिगड़ने की संभावना रहती है। क्रोधी व्यक्ति का वाणी पर नियंत्रण नहीं होता। प्रत्युत्तर में विपक्षी भी कटु व व्यंग्य वचन सुनाता है। पाठ में भी परशुराम जी के क्रोध करने के कारण लक्ष्मण जी ने भी उनकी अवस्था व पद का ध्यान न रखकर उन्हें कठोर उत्तर दिए, यदि श्रीराम की विनम्रता बीच में न होती, तो न जाने परिणाम क्या हो सकता था?

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राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
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2022-2023 (March) Sample

संबंधित प्रश्न

परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -

बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही||

भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही||

सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा||

मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।

गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर||


लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताई?


साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

गाधिसू नु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ।

अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ||


इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।

बार बार मोहि लागि बोलावा||


धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?


धनुष टूटने पर लक्ष्मण किन तर्कों के आधार पर राम को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे?


परशुराम को अपने फरसे पर इतना घमंड क्यों था?
अथवा
परशुराम ने अपने फरसे की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?


लक्ष्मण अपने कुल की किस परंपरा का हवाला देकर युद्ध करने से बच रहे थे?


लक्ष्मण के वाक्चातुर्य पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।


परशुराम विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत किस तरह करते हैं?


निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने अपने कुल की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।)


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?


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